नई दिल्ली :- गुरुवार को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी के दामों में गिरावट दर्ज की गई। पिछले कुछ दिनों में तेज उछाल के बाद बाजार में प्रॉफिट बुकिंग का दौर शुरू हुआ जिससे दोनों धातुओं के भाव दबाव में आ गए। निवेशकों का रुझान फिलहाल सतर्क दिखाई दे रहा है क्योंकि अगले महीने होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय संकेतों के असर से घरेलू बाजार में भी नरमी साफ देखी जा रही है।
सोने की कीमतों में आई गिरावट ने कई खुदरा ग्राहकों को एक बार फिर खरीदारी पर विचार करने के लिए प्रेरित किया है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान गिरावट अल्पकालिक हो सकती है क्योंकि वैश्विक आर्थिक स्थिति में स्थिरता की कमी अभी भी बनी हुई है। महंगाई दर और ब्याज दरों के भविष्य को लेकर बाजार में मिश्रित भावनाएं हैं। इसी कारण सर्राफा कारोबारियों का मानना है कि निवेशकों को जल्दबाजी में कोई निर्णय लेने से बचना चाहिए और कीमतों के अगले रुझान पर नजर रखनी चाहिए।
चांदी की कीमतों में भी कमजोरी देखी गई और यह गिरावट सोने की तुलना में अधिक रही। औद्योगिक मांग में थोड़ी सुस्ती और वैश्विक बाजारों का दबाव चांदी की कीमतों पर विशेष रूप से असर डाल रहा है। कई कारोबारी यह भी मानते हैं कि वर्ष के अंत में होने वाले आर्थिक आंकड़ों से बाजार में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।
सर्राफा बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि मौजूदा स्थिति निवेशकों के लिए मिश्रित संकेत दे रही है। जहां एक ओर कीमतों में कमी अवसर का संकेत देती है वहीं दूसरी ओर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता सतर्क रहने की सलाह देती है। फिलहाल बाजार की दिशा अमेरिकी नीतियों और अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर निर्भर करेगी। सोने और चांदी के व्यापारियों का अनुमान है कि आने वाले सप्ताहों में बाजार में फिर से तेजी या स्थिरता का रुझान विकसित हो सकता है।