नई दिल्ली :- आज हमारी भागदौड़ भरी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुके स्मार्टफोन सिर्फ एक गैजेट नहीं बल्कि आधुनिक जीवन का आधार बन गए हैं। खास पलों को यादगार बनाने के लिए तस्वीरें और वीडियो कैद करना हो या रोज़मर्रा के छोटे बड़े काम निपटाने हों हम हर वक्त इस डिवाइस पर भरोसा करते हैं।
स्मार्टफोन ने हमारे काम करने के तरीके को बदल दिया है। पहले जिन कामों के लिए कई जगहों पर जाना पड़ता था अब वही कुछ ही क्लिक में पूरे हो जाते हैं। ऑनलाइन बैंकिंग से लेकर टिकट बुक करने तक ईमेल भेजने से लेकर ऑफिस के मीटिंग नोट्स तैयार करने तक हर काम इसकी मदद से आसान हो गया है।
मनोरंजन के मामले में तो स्मार्टफोन आधुनिक युग का सबसे बड़ा साथी बन चुका है। फिल्में देखना हो ऑनलाइन गेम खेलना हो या सोशल मीडिया पर दोस्तों से जुड़ना हो यह डिवाइस हर क्षण खुशियों का एक छोटा सा संसार खोल देता है। संगीत सुनने की सुविधा ने तो इसे और भी खास बना दिया है क्योंकि अब हम कहीं भी कभी भी अपने पसंदीदा गाने सुन सकते हैं।
इसके अलावा सीखने समझने और नई जानकारियों के लिए भी स्मार्टफोन सबसे प्रभावी साधन बन गया है। बच्चे ऑनलाइन क्लास के ज़रिए पढ़ाई कर सकते हैं युवा नए कौशल सीख सकते हैं और बुजुर्ग भी आसानी से दुनिया भर की खबरों से जुड़े रह सकते हैं।
हालांकि यह भी जरूरी है कि इस सुविधा का उपयोग संतुलित तरीके से किया जाए। लगातार स्क्रीन के सामने रहने से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है इसलिए समय समय पर डिजिटल ब्रेक लेना भी बेहद आवश्यक है।
कुल मिलाकर स्मार्टफोन ने जीवन को तेज सरल और अधिक सुविधाजनक बना दिया है और आधुनिक युग में यह हमारी दैनिक जरूरतों का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।