नई दिल्ली :- दिल्ली के एक कपड़ा व्यापारी पर चढ़े पचास लाख रुपये के कर्ज ने उसे ऐसी राह पर धकेल दिया जिसकी कल्पना भी मुश्किल है। अपने साथी के साथ मिलकर व्यापारी ने एक योजना बनाई ताकि कर्जदाताओं और पुलिस को भ्रमित किया जा सके। उसकी साजिश का खुलासा उस समय हुआ जब ब्रजघाट गंगानगरी के श्मशान स्थल पर चिता पर रखे जाने वाले कथित शव की जगह एक डमी जैसा पुतला पाया गया। इस रहस्योद्घाटन के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि व्यापारी ने अपनी कथित मौत का नाटक रचकर सभी देनदारियों से बचने की योजना बनाई थी। इसके लिए उसने अपने सहयोगी की मदद से एक पुतला तैयार कराया जिसे असली शव की तरह कपड़े और कफन से ढककर चिता पर रख दिया गया था। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू होने ही वाली थी कि कुछ स्थानों पर संदिग्ध गतिविधि दिखने से लोगों की नजरें पुतले पर पड़ीं और पूरा मामला खुल गया।
स्थानीय प्रशासन को तुरंत सूचना दी गई जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरी योजना का पर्दाफाश किया गया। श्मशान घाट पर मौजूद लोगों ने बताया कि ऐसी घटना उन्होंने पहले कभी नहीं देखी थी और यह घटना समाज में फैल चुके आर्थिक तनाव और संकट की भयावह तस्वीर पेश करती है।
पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। व्यापारी और उसके साथी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं न केवल कानून का उल्लंघन करती हैं बल्कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता को भी ठेस पहुंचाती हैं। विशेषज्ञों का मत है कि आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों को ऐसी खतरनाक राह पर जाने से बचने के लिए मानसिक और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए ताकि समाज में ऐसे विचलित करने वाले कदम न उठाए जाएं।