विश्वविद्यालयों में डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था की धीमी रफ्तार

दरभंगा (बिहार):- दरभंगा में उच्च शिक्षा संस्थानों में मोबाइल एप आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू करने की पहल छह माह पूर्व की गई थी परंतु अब तक यह व्यवस्था पूरी तरह स्थापित नहीं हो सकी है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए थे कि विश्वविद्यालयों और कालेजों में शिक्षक तथा कर्मचारियों की उपस्थिति अंकित करने के लिए मोबाइल एप अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाएगा। इसका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और नियमितता सुनिश्चित करना था ताकि समय पर कक्षाएं संचालित हों और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

लेकिन जमीन पर स्थिति अलग दिखाई देती है। कई कालेजों में तकनीकी संसाधनों की कमी मुख्य बाधा बन रही है। कुछ स्थानों पर इंटरनेट की कमजोर कनेक्टिविटी के कारण एप सही ढंग से काम नहीं कर पा रहा है। वहीं अनेक शिक्षकों और कर्मचारियों को नई तकनीक से सामंजस्य स्थापित करने में समय लग रहा है। प्रशिक्षण की कमी भी इस व्यवस्था की गति को धीमा कर रही है। कई कर्मचारी अब भी पारंपरिक उपस्थिति पद्धति पर निर्भर हैं जिससे डिजिटल प्रणाली का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।

शिक्षा विभाग का मानना है कि यह बदलाव उच्च शिक्षा में जवाबदेही लाने का महत्वपूर्ण कदम है। यदि सभी संस्थान समन्वय के साथ कार्य करें तो यह मॉडल सरकारी विद्यालयों की तरह सफल हो सकता है। विद्यार्थियों का कहना है कि यदि शिक्षकों की उपस्थिति समय पर और सटीक रूप से दर्ज होगी तो कक्षाओं का संचालन नियमित होगा और शैक्षणिक वातावरण में सुधार आएगा।

विशेषज्ञों का मत है कि इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को तकनीकी इंतजामों को प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर डिजिटल उपकरणों के उपयोग के प्रति सहज बनाना होगा। यदि यह पहल सही रूप में लागू हो जाती है तो उच्च शिक्षा में अनुशासन और पारदर्शिता दोनों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *