भोपाल (मध्य प्रदेश):- राजधानी भोपाल के पास सीहोर की वीआईटी यूनिवर्सिटी में मंगलवार को छात्रों की हिंसा ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। छात्रों द्वारा किए गए तोड़फोड़ और आगजनी के बाद स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि प्रशासन को कैंपस में सुरक्षा के लिए पांच थानों की पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात करनी पड़ी। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची लेकिन छात्रों के आक्रोश को काबू में करना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।
जानकारी के अनुसार विवाद की शुरुआत कैंपस में किसी अनुशासनहीन घटना को लेकर हुई थी। छात्रों और यूनिवर्सिटी प्रशासन के बीच तीखी बहस के बाद हालात बिगड़ने लगे। कई छात्र गुस्से में कक्षाओं और लैब्स की तोड़फोड़ करने लगे और परिसर में आग लगाने की घटनाएं सामने आईं। इस दौरान कई वाहन और संपत्ति भी क्षतिग्रस्त हुए। आसपास के क्षेत्र में तनाव फैल गया और स्थानीय लोग भयभीत होकर घरों में बंद हो गए।
प्रशासन ने तुरंत शांतिपूर्ण स्थिति बनाने के लिए संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई की। पुलिस और पैरामिलिट्री बलों ने कैंपस के मुख्य प्रवेश मार्गों को सील किया और छात्रों को संयम बनाए रखने के लिए चेतावनी दी। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा में शामिल छात्रों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि विश्वविद्यालयों में इस प्रकार की हिंसा गंभीर शिक्षा और समाजिक मुद्दों का संकेत है। युवा पीढ़ी में असंतोष और दबाव को संभालने की क्षमता को बढ़ाने के लिए आवश्यक है कि प्रशासन और शिक्षण संस्थान संवाद और मानसिक स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान दें।
यह घटना यह संदेश देती है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुशासन बनाए रखना और छात्रों को सही दिशा में मार्गदर्शन देना कितना महत्वपूर्ण है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान केवल संवाद और शिक्षा आधारित रणनीति से ही संभव है।