नई दिल्ली :- राजकीय आदर्श मध्य विद्यालय गोविंदपुर में गुरुवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब बच्चों के हाथ जोड़कर प्रार्थना करने पर मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। यह घटनाक्रम सुबह की प्रार्थना के दौरान सामने आया और थोड़े ही समय में विद्यालय परिसर में बहस विवाद और अफरा तफरी का वातावरण बन गया। विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों ने मामला शांत करने का प्रयास किया मगर उपस्थित लोगों की आपत्तियों के कारण स्थिति कुछ देर के लिए और गंभीर हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने विद्यालय पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से शांत रहने की अपील की और मामले को आपसी संवाद से सुलझाने पर जोर दिया। विद्यालय प्रशासन का कहना है कि प्रार्थना के दौरान किसी भी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का कोई उद्देश्य नहीं था। उनका कहना है कि यह साधारण प्रार्थना थी जिसका उद्देश्य बच्चों में अनुशासन एकाग्रता और सकारात्मक विचारों का विकास करना है।
दूसरी ओर आपत्ति जताने वाले लोगों का कहना है कि बच्चों को ऐसे किसी भी रूप में शामिल नहीं किया जाना चाहिए जिससे किसी धर्म विशेष की प्रथाओं का संकेत मिले। उनका कहना है कि विद्यालय जैसे संस्थानों में ऐसी गतिविधियां पूरी तरह तटस्थ और सर्वसमावेशी होनी चाहिए ताकि हर समुदाय के बच्चे स्वयं को सहज महसूस कर सकें।
मामले के बाद पुलिस और प्रशासन ने क्षेत्र की शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरती। शिक्षकों और अभिभावकों के बीच भी इस विषय पर चर्चा शुरू हो गई है कि विद्यालयों में प्रार्थना व्यवस्था किस प्रकार होनी चाहिए ताकि किसी भी समुदाय को कोई आपत्ति न हो।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह के विवाद से बच्चों की शिक्षा वातावरण और मानसिकता दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए आवश्यक है कि विद्यालय और समाज मिलकर ऐसा समाधान तैयार करें जो सभी की भावनाओं का सम्मान करते हुए शिक्षा की पवित्रता को बनाए रखे।