नई दिल्ली :- दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है और कई इलाकों में एयूक्यूआई गंभीर स्तर को पार कर चुका है। हवा की रफ्तार बेहद धीमी होने से धूल धुएं और स्मॉग की मोटी परत जम गई है जिससे सुबह शाम विजिबिलिटी भी काफी कम हो गई है। रोहिणी चांदनी चौक वजीरपुर आनंद विहार और नोएडा सेक्टर 62 जैसे क्षेत्रों में प्रदूषण स्तर लगातार बढ़ रहा है और लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषित हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 कणों की मात्रा सामान्य से कई गुना अधिक है जिससे सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। अस्पतालों में भी सांस फूलना आंखों में जलन सिरदर्द और एलर्जी की शिकायतों वाले मरीज बढ़ने लगे हैं। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि हवा की रफ्तार में सुधार न होने पर अगले दो दिनों तक राहत की संभावना बेहद कम है।
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक बाहर निकलने से बचने मास्क पहनने और विशेषकर बच्चों बुजुर्गों तथा अस्थमा रोगियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। स्कूलों में आउटडोर गतिविधियों को सीमित किया जा रहा है और निर्माण कार्यों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रदूषण नियंत्रण टीमों ने सड़क पर पानी का छिड़काव बढ़ाने और धूल रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया है।
लोगों का कहना है कि लगातार बिगड़ती हवा जीवन की गुणवत्ता पर गहरा असर डाल रही है और सरकार को स्थायी समाधान की दिशा में तेजी से कदम उठाने चाहिए। कई सामाजिक संगठनों ने भी प्रदूषण को लेकर जागरूकता अभियान शुरू किए हैं ताकि लोग अपनी भूमिका को समझें और पर्यावरण की रक्षा में सहयोग दें।