नई दिल्ली :- सोने की कीमतों में इस वर्ष अप्रत्याशित तेजी ने वैश्विक बाजारों का रुख बदल दिया है। यह लगातार चौथे महीने मजबूती दिखा रहा है और लगभग हर माह इसके दामों में उल्लेखनीय उछाल दर्ज हो रहा है। मौजूदा रुझान स्पष्ट संकेत देता है कि यह कीमती धातु उन्नीस सौ उनहत्तर के बाद अपना सबसे शानदार सालाना प्रदर्शन दोहरा सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार सोने की इस तेज बढ़त के पीछे कई प्रमुख कारण काम कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता सुरक्षित निवेश विकल्पों की लोकप्रियता बढ़ाना और डॉलर की कमजोरी जैसे कारकों ने सोने को निवेशकों का पसंदीदा बना दिया है। इसके साथ ही कई देशों के केंद्रीय बैंक अपने स्वर्ण भंडार को बढ़ा रहे हैं जिससे मांग में और इजाफा हुआ है। geopolitical तनाव और शेयर बाजार की अस्थिरता भी निवेशकों को सोने की ओर आकर्षित कर रही है।
घरेलू बाजार में भी सोने की चमक पहले से अधिक तेज दिखाई दे रही है। बढ़ती मांग के साथ सीमित आपूर्ति ने कीमतों को ऊपर धकेला है। विशेष रूप से त्योहार और विवाह सीजन के चलते खुदरा खरीदारी में वृद्धि देखी जा रही है। निवेशक भी इसे दीर्घकालिक सुरक्षा और बेहतर रिटर्न के रूप में देख रहे हैं।
यदि यह रुझान वर्ष के अंत तक जारी रहता है तो सोना इस बार रिकॉर्ड प्रदर्शन कर सकता है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में यदि वैश्विक माहौल अस्थिर बना रहा या ब्याज दरों में नरमी दिखी तो सोने की कीमतें और ऊंचाई छू सकती हैं। समग्र रूप से देखा जाए तो यह वर्ष सोने के लिए बेहद चमकदार साबित हो रहा है और निवेशक वर्ग के लिए भी नए अवसर पैदा कर रहा है।