नई दिल्ली :- रेटिंग एजेंसी मूडीज रेटिंग्स ने यह स्पष्ट किया है कि आने वाले वर्षों में भारत एशिया प्रशांत क्षेत्र और उभरते बाजारों में विकास का प्रमुख वाहक बनेगा। एजेंसी के अनुसार वर्ष 2025 में भारत की जीडीपी वृद्धि सात प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है जबकि 2026 में यह दर छह दशमलव चार प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह अनुमान वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत की आर्थिक स्थिरता और घरेलू वृद्धि कारकों की निरंतर मजबूती को दर्शाता है।
मूडीज का आकलन यह संकेत देता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की ताकत बाहरी परिस्थितियों पर कम और अपने आंतरिक इंजन पर अधिक निर्भर है। मजबूत उपभोक्ता मांग स्थिर निवेश माहौल संरचनात्मक सुधार और सरकारी पूंजीगत व्यय जैसे कारक वृद्धि को गति दे रहे हैं। इन कारकों ने भारत को ऐसे समय में भी स्थिर बनाए रखा है जब कई बड़े देशों में आर्थिक मंदी या धीमापन देखने को मिल रहा है।
यह रिपोर्ट इस बात की पुष्टि भी करती है कि भारत की युवा जनसंख्या प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बढ़ती भागीदारी और तेजी से मजबूत हो रहा औद्योगिक ढांचा भविष्य में और अधिक गति ला सकता है। वैश्विक निवेशक भारत को एक विश्वसनीय और दीर्घकालिक अवसर के रूप में देख रहे हैं जिससे पूंजी प्रवाह में सुधार की भी संभावना बढ़ जाती है।कुल मिलाकर मूडीज का यह आकलन भारतीय अर्थव्यवस्था के भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेत देता है और यह बताता है कि आने वाले दो वर्ष भारत के विकास पथ को नए आयाम देने वाले साबित हो सकते हैं।