Learning from centenarians : भारत में शतायु व्यक्तियों से सीखने का समय: नई अध्ययन ने उजागर की दीर्घायु के रहस्य

Learning from centenarians नई दिल्ली:- भारत में शतायु व्यक्तियों पर किए गए एक नए अध्ययन ने दीर्घायु के रहस्यों को उजागर किया है। इस अध्ययन के अनुसार शतायु व्यक्तियों में स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, और सामाजिक संबंधों का महत्वपूर्ण योगदान है।

अध्ययन में पाया गया कि 55.5% शतायु व्यक्तियों का बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) सामान्य था जबकि 41% व्यक्तियों का बीएमआई कम था। इसके अलावा 91% शतायु व्यक्तियों की कमर का आकार सामान्य था, जो स्वस्थ जीवनशैली का संकेत देता है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि शतायु व्यक्तियों में से अधिकांश ने कभी भी तंबाकू या शराब का सेवन नहीं किया था। इसके अलावा 75% शतायु व्यक्तियों ने अपने जीवन से संतुष्टि व्यक्त की जो मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।

शतायु व्यक्तियों के जीवन से हमें कई महत्वपूर्ण सबक मिलते हैं। इनमें से कुछ प्रमुख सबक हैं:

– स्वस्थ जीवनशैली: शतायु व्यक्तियों ने स्वस्थ जीवनशैली को अपनाया जिसमें संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, और पर्याप्त नींद शामिल है।

– सामाजिक संबंध: शतायु व्यक्तियों के मजबूत सामाजिक संबंध थे जो मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।

– तनाव प्रबंधन: शतायु व्यक्तियों ने तनाव को प्रबंधित करने के लिए विभिन्न तरीकों का उपयोग किया जैसे कि योग और ध्यान।

इस अध्ययन के परिणामों से पता चलता है कि दीर्घायु के लिए स्वस्थ जीवनशैली, सामाजिक संबंध और तनाव प्रबंधन महत्वपूर्ण हैं। हमें इन सबकों को अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करना चाहिए ताकि हम भी दीर्घायु और स्वस्थ जीवन जी सकें।

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