महाराष्ट्र (मुंबई):- मुंबई के बाजार में गुरुवार का दिन उतार चढ़ाव से भरा रहा क्योंकि सोने और चांदी के दामों में अलग अलग रुझान दिखाई दिए। सोने की कीमत में मामूली गिरावट दर्ज की गई जिसने निवेशकों को सतर्क कर दिया। दूसरी ओर चांदी की कीमतों में तीन हजार छह सौ रुपये से अधिक की जोरदार तेजी देखने को मिली जिसने बाजार में नई चर्चा को जन्म दिया। इस तरह के विपरीत रुझान से स्पष्ट है कि बहुमूल्य धातुओं का बाजार इस समय वैश्विक आर्थिक संकेतों के आधार पर तेजी से प्रतिक्रिया दे रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की हल्की गिरावट का कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में सुधार है। जब डॉलर मजबूत होता है तो निवेशक सोने से दूरी बनाते हैं जिससे कीमतों में नरमी आ जाती है। इसके विपरीत चांदी की बढ़त का मुख्य कारण औद्योगिक मांग में उछाल है। चांदी का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स सोलर पैनल और उच्च तकनीकी उपकरणों में तेजी से बढ़ रहा है जिससे इसकी मांग में लगातार इजाफा हो रहा है।
स्थानीय ज्वैलर्स का मानना है कि विवाह सीजन ने भी चांदी की खरीदारी को प्रभावित किया है क्योंकि उपभोक्ताओं में चांदी के आभूषण और सिक्कों की मांग बढ़ी है। सोने में भले ही मामूली गिरावट आई हो लेकिन दीर्घकाल में इसकी कीमती धातु के रूप में स्थिति मजबूती से कायम है। निवेशक इसे सुरक्षित संपत्ति मानते हैं और कीमतों में हलचल के बाद भी इसका आकर्षण कम नहीं होता।
आने वाले दिनों में बाजार का रुख अंतरराष्ट्रीय आर्थिक गतिविधियों पर निर्भर करेगा। यदि वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी रहती है तो सोने और चांदी की कीमतें इसी तरह उतार चढ़ाव दिखा सकती हैं। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की बदलती परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सोच समझकर निवेश करें ताकि जोखिम कम रहे और लाभ अधिक मिल सके।