Winter session नई दिल्ली:- सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र में वंदे मातरम पर चर्चा करने की योजना बनाई है जो 1 दिसंबर से शुरू होने वाला है। यह कदम राष्ट्रीय गीत के 150वें वर्ष के अवसर पर उठाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि यह चर्चा देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है।
वंदे मातरम को भारत का राष्ट्रीय गीत माना जाता है इसका महत्व देश की स्वतंत्रता की लड़ाई में रहा है। हालांकि हाल ही में इस गीत को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था जब राज्यसभा सचिवालय ने सांसदों को वंदे मातरम और जय हिंद जैसे स्लोगनों का उपयोग करने से रोक दिया था। इस फैसले का विपक्ष ने कड़ा विरोध किया था और इसे देशभक्ति के खिलाफ बताया था।
विपक्ष का कहना है कि सरकार को वंदे मातरम पर चर्चा करने से पहले इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने कहा है कि वंदे मातरम और जय हिंद जैसे स्लोगन देश की स्वतंत्रता की लड़ाई का हिस्सा हैं और इन पर रोक लगाना गलत है। इस बीच सरकार ने कहा है कि वह वंदे मातरम पर चर्चा करने के लिए तैयार है और विपक्ष के साथ इस मुद्दे पर बातचीत करने के लिए तैयार है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा है कि सरकार का उद्देश्य देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है और वंदे मातरम पर चर्चा करना इसी दिशा में एक कदम है ।