चंडीगढ़ (हरियाणा):- हरियाणा में दो बास्केटबॉल खिलाड़ियों की दर्दनाक मौत के बाद राज्य सरकार ने खेल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने सभी जर्जर और कंडम घोषित हो चुके स्टेडियमों और खेल परिसरों के कायाकल्प के लिए एक व्यापक योजना लागू की है। खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम ने घोषणा की कि प्रदेशभर में खेल सुविधाओं के उन्नयन मरम्मत और पुनर्विकास के लिए कुल एक सौ चौदह करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह राशि उन सभी स्थानों पर खर्च की जाएगी जहां वर्तमान ढांचा खिलाड़ियों की सुरक्षा में बाधा बन रहा है।
हाल की दुर्घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था और खिलाड़ियों के परिवारों से लेकर खेल प्रेमियों तक सभी में रोष था। इसके बाद सरकार ने तुरंत व्यापक निरीक्षण अभियान चलाकर सभी पुराने स्टेडियमों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया। रिपोर्ट में कई स्थानों पर सुरक्षा मानकों की गंभीर कमी पाई गई जिसके बाद यह निर्णय लिया गया कि अब किसी भी खिलाड़ी की जान असुरक्षित ढांचे के कारण खतरे में नहीं पड़ेगी।
नई योजना के तहत न केवल पुराने स्टेडियमों की मरम्मत होगी बल्कि आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। खेल उपकरणों के उन्नयन के साथ साथ मैदानों की गुणवत्ता सुधारने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाली खेल सुविधाएं ही भविष्य के चैंपियनों के निर्माण की पहली शर्त हैं।
खिलाड़ियों और कोचों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम खेल जगत में नई ऊर्जा और विश्वास पैदा करेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह योजना समयबद्ध तरीके से लागू हो गई तो हरियाणा खेल सुरक्षा और संरचना के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो जाएगा।
यह पहल न केवल खेल सुविधाओं को सुरक्षित बनाने का प्रयास है बल्कि खिलाड़ियों के मन में यह भरोसा भी जगाती है कि सरकार उनके साथ खड़ी है और उनके भविष्य को लेकर गंभीर है।