नई दिल्ली :- दिल्ली सरकार ने बारह वर्षों से लंबित पड़े नए राशन कार्डों की प्रक्रिया शुरू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह कदम उन लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो लंबे समय से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ पाने के लिए प्रतीक्षा कर रहे थे। वर्तमान में लगभग दो लाख नवासी हजार आवेदन लंबित हैं और सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाएगा ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति आवश्यक खाद्यान्न से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के साथ विशेष बैठक कर स्थिति की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए। साथ ही यह भी तय किया गया है कि राजधानी में चल रहे दो प्रकार के राशन कार्डों की व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जाएगा। सरकार ने यह स्वीकार किया है कि कई अपात्र लोग भी वर्षों से इस योजना का लाभ ले रहे हैं जिससे वास्तविक जरूरतमंद परिवारों का हक प्रभावित हो रहा है।
इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने लगभग दो लाख पचास हजार अपात्र लाभार्थियों के नाम हटाने की तैयारी की है। इसके लिए ई केवाईसी अभियान को तेज गति से संचालित किया जाएगा ताकि केवल उन्हीं लोगों के नाम सूची में शामिल रहें जो वास्तव में इस सहायता के पात्र हैं। अधिकारियों का कहना है कि अपडेटेड केवाईसी से न केवल व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी बल्कि भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी।
दिल्ली के कई परिवारों के लिए यह निर्णय उम्मीद की नई किरण बनकर उभरा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस पहल का स्वागत किया है और कहा है कि इससे गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों को बड़ा सहारा मिलेगा। सरकार का यह कदम राजधानी में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित होगा।