नई दिल्ली :- केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आने वाला समय काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय से जिस फैसले का इंतजार किया जा रहा था वह अब जल्द ही स्पष्ट हो सकता है। आठवें वेतन आयोग और महंगाई भत्ते से जुड़े कई सवालों पर 2 दिसंबर को राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जवाब दे सकती हैं। यही कारण है कि कर्मचारियों में उत्सुकता का माहौल तेजी से बढ़ गया है और सभी की नजरें संसद की कार्यवाही पर टिक गई हैं।
कर्मचारियों का मानना है कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में वेतन संरचना को अपडेट करना जरूरी है। बढ़ती महंगाई और दैनिक खर्चों में बढ़ोतरी ने उनकी आमदनी पर सीधा प्रभाव डाला है। ऐसे में महंगाई भत्ते से राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है। महंगाई भत्ता बढ़ने से न केवल कर्मचारियों की आय बढ़ेगी बल्कि पेंशनभोगियों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। जिससे उनकी आर्थिक स्थिरता मजबूत होगी।
हाल के महीनों में सोशल मीडिया से लेकर कर्मचारी संघों की बैठकों तक आठवें वेतन आयोग की चर्चा लगातार गर्म रही है। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि वित्त मंत्री इस बारे में कोई ठोस संकेत देती हैं तो यह आगामी आर्थिक वर्ष की योजनाओं पर भी असर डाल सकता है। सरकार की प्राथमिकताएं और बजट अनुमान इसी आधार पर तय होंगे कि कर्मचारियों के हितों को किस प्रकार शामिल किया जाए।
केंद्रीय कर्मचारियों का यह भी कहना है कि नया वेतन आयोग लागू होने से उनके पेशेवर मनोबल में बढ़ोतरी होगी। इससे सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आने की संभावना है क्योंकि वेतन और भत्ते सीधे तौर पर कार्य प्रेरणा से जुड़े होते हैं। अब सबकी नजरें 2 दिसंबर की राज्यसभा बैठक पर हैं जहां उम्मीद है कि कई महत्वपूर्ण सवालों पर सरकार स्थिति साफ कर देगी।