Trans women’s blood : फेमिनाइजिंग हार्मोन थेरेपी: ट्रांसवेस्टिज़्म में रक्त प्रोटीन में बदलाव

Trans women’s blood दिल्ली:- एक नए अध्ययन में पाया गया है कि फेमिनाइजिंग हार्मोन थेरेपी (जीएएचटी) ट्रांसवेस्टिज़्म महिलाओं के रक्त में प्रोटीन को बदल देती है जिससे उनके शरीर की जैविक प्रक्रियाएं सिजेंडर महिलाओं के समान हो जाती हैं। यह अध्ययन मेलबर्न विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया है और इसके परिणाम नेचर मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित हुए हैं।

क्या है फेमिनाइजिंग हार्मोन थेरेपी?

फेमिनाइजिंग हार्मोन थेरेपी एक प्रकार की हार्मोन थेरेपी है जो ट्रांसवेस्टिज़्म महिलाओं को उनके शरीर को अधिक महिला जैसा बनाने में मदद करती है। इस थेरेपी में एस्ट्रोजेन और एंटी-एंड्रोजन जैसे हार्मोन्स का उपयोग किया जाता है जो पुरुष हार्मोन्स के प्रभाव को कम करते हैं और महिला हार्मोन्स के प्रभाव को बढ़ाते हैं।

अध्ययन के परिणाम

अध्ययन में 40 ट्रांसवेस्टिज़्म महिलाओं को शामिल किया गया था जिन्हें जीएएचटी दिया गया था। शोधकर्ताओं ने उनके रक्त के नमूनों का विश्लेषण किया और पाया कि जीएएचटी ने उनके रक्त में 245 प्रोटीनों को बदल दिया था जो सिजेंडर महिलाओं के रक्त में पाए जाने वाले प्रोटीनों के समान थे।

परिणामों का महत्व

इस अध्ययन के परिणामों से पता चलता है कि फेमिनाइजिंग हार्मोन थेरेपी ट्रांसवेस्टिज़्म महिलाओं के शरीर में गहरे बदलाव ला सकती है जो उनके स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर सकती है। हालांकि शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि इन परिणामों को और अधिक अध्ययन की आवश्यकता है ताकि यह समझा जा सके कि जीएएचटी के दीर्घकालिक प्रभाव क्या हो सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *