Breaking news (नई दिल्ली):- चुनाव आयोग ने 12 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision–SIR) कार्यक्रम की महत्वपूर्ण तिथियों में बदलाव करते हुए इन्हें एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है। यह संशोधित कार्यक्रम 1 जनवरी 2026 को योग्य तिथि मानकर तैयार किया गया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिहीन बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, मतगणना क्षेत्र में किए जाने वाले विभिन्न कार्यों की नई समयसीमा जारी कर दी गई है। नामांकन और घर-घर सत्यापन से जुड़ी गणना अवधि अब 11 दिसंबर 2025 तक चलेगी। इसी तारीख तक मतदान केंद्रों के तर्कसंगतिकरण और पुनर्व्यवस्थित करने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
इसके बाद 12 से 15 दिसंबर 2025 के बीच नियंत्रण तालिका तैयार करने और ड्राफ्ट मतदाता सूची को अंतिम रूप देने का कार्य किया जाएगा। संशोधित ज्ञापन के अनुसार, ड्राफ्ट मतदाता सूची 16 दिसंबर 2025 को प्रकाशित की जाएगी।
ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। इस दौरान मतदाताओं को अपने नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन संबंधित आवेदन करने का अवसर मिलेगा। साथ ही 16 दिसंबर 2025 से 7 फरवरी 2026 तक सुनवाई, सत्यापन और दावों-आपत्तियों के निपटारे का चरण भी निर्वाचन रजिस्ट्रार अधिकारियों (EROs) द्वारा चलाया जाएगा।
इसके बाद 10 फरवरी 2026 तक स्वास्थ्य पैरामीटर्स की जांच कर आयोग की अनुमति से अंतिम प्रकाशन की तैयारी की जाएगी। अंततः संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
आयोग के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया इसलिए बढ़ाई गई है ताकि मतदाताओं के पंजीकरण में किसी भी प्रकार की चूक न रहे और 2026 की आगामी चुनावी तैयारियों के लिए पूर्ण एवं विश्वसनीय मतदाता सूची उपलब्ध कराई जा सके।