World AIDS Day नई दिल्ली:- भारत के पास वैश्विक एड्स प्रतिक्रिया को बदलने की शक्ति है लेकिन हमें अभी कार्रवाई करनी होगी। यह बात संयुक्त राष्ट्र एड्स के कार्यकारी निदेशक विनोद पॉल ने कही जो भारत में एड्स के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
भारत में एड्स के मामलों में कमी आई है लेकिन अभी भी 24 लाख लोग एचआईवी से पीड़ित हैं। विनोद पॉल ने कहा “भारत के पास वैश्विक एड्स प्रतिक्रिया को बदलने की शक्ति है लेकिन हमें अभी कार्रवाई करनी होगी। हमें एचआईवी के खिलाफ लड़ाई में और अधिक प्रयास करने होंगे”।भारत सरकार ने एड्स के खिलाफ लड़ाई में कई कदम उठाए हैं जिनमें से एक है एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) का विस्तार। एआरटी के माध्यम से एचआईवी पीड़ित लोगों को उपचार प्रदान किया जाता है जिससे उनकी जीवन प्रत्याशा बढ़ जाती है।
विनोद पॉल ने कहा, “भारत में एड्स के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। हमें एचआईवी के खिलाफ लड़ाई में और अधिक प्रयास करने होंगे खासकर उन समुदायों में जो सबसे अधिक प्रभावित हैं”। भारत के पास वैश्विक एड्स प्रतिक्रिया को बदलने की शक्ति है लेकिन हमें अभी कार्रवाई करनी होगी। हमें एचआईवी के खिलाफ लड़ाई में और अधिक प्रयास करने होंगे ताकि हम इस बीमारी को समाप्त कर सकें।