World AIDS Day दिल्ली:- 1 दिसंबर विश्व एड्स दिवस के अवसर पर हम एचआईवी संक्रमण के इलाज में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करते हैं। एचआईवी एक ऐसा वायरस है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमला करता है जिससे व्यक्ति को संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है ।
एचआईवी का इलाज क्यों मुश्किल है?
एचआईवी का इलाज कई कारणों से मुश्किल है:
– वायरस की जटिलता: एचआईवी एक जटिल वायरस है जो शरीर की कोशिकाओं में छुप जाता है और लंबे समय तक निष्क्रिय रहता है।
– वायरस की विविधता: एचआईवी के कई प्रकार होते हैं जो इलाज को और भी मुश्किल बनाते हैं।
– वायरस की प्रतिरक्षा: एचआईवी वायरस शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है जिससे इलाज मुश्किल हो जाता है।
– सामाजिक और आर्थिक चुनौतियां: एचआईवी से पीड़ित लोगों को सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है जैसे कि भेदभाव और इलाज की कमी है।
भारत में एचआईवी की स्थिति
भारत में एचआईवी संक्रमण के मामलों में कमी आई है लेकिन अभी भी 2.5 मिलियन से अधिक लोग एचआईवी से पीड़ित हैं। भारत सरकार ने एचआईवी के इलाज और रोकथाम के लिए कई कदम उठाए हैं जैसे कि एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) का विस्तार और एचआईवी परीक्षण की बढ़ती पहुंच है।