नई दिल्ली :- भारत सरकार ने हाल में जारी अपने आर्थिक आकलन में कहा है कि वित्त वर्ष 2025 26 की दूसरी तिमाही में देश की वास्तविक जीडीपी 8.2 फीसदी की दर से बढ़ी है जो बीते वर्ष की इसी अवधि में दर्ज 5.6 फीसदी की तुलना में काफी अधिक है। सरकार का कहना है कि यह वृद्धि न सिर्फ घरेलू मांग की मजबूती को दर्शाती है बल्कि वैश्विक अस्थिरता के माहौल में भारत की आर्थिक क्षमता को भी साबित करती है।
सरकारी बयान के अनुसार भारत ने लगातार तीसरी तिमाही में तेज रफ्तार वृद्धि हासिल कर सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत किया है। सरकार का दावा है कि विनिर्माण सेवा क्षेत्र और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश के कारण अर्थव्यवस्था में स्थिर गति बनी हुई है।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च विकास दर यह संकेत देती है कि भारत की अर्थव्यवस्था चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद मजबूत और लचीली बनी हुई है। इसके साथ ही रोजगार निवेश और निर्यात से जुड़े संकेतक भी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।
कुल मिलाकर सरकार का यह ताजा आंकड़ा अगले वर्षों में विकास की संभावनाओं को उजागर करता है और यह बताता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था अभी भी अपनी प्रगति के स्थायी चरण में आगे बढ़ रही है।