मालेगांव (महाराष्ट्र):- महाराष्ट्र के मालेगांव शहर में नाबालिग बच्चियों के खिलाफ अत्याचार की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी ने पूरे क्षेत्र में चिंता और दहशत का माहौल बना दिया है। शहर में सुरक्षा को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं और अब हाल की घटनाओं ने परिवारों को और अधिक भयभीत कर दिया है। अभिभावक अपनी बच्चियों को घर से बाहर भेजने में हिचक महसूस कर रहे हैं और समाज में असुरक्षा की भावना गहरी होती जा रही है।
सबसे हाल की घटना में एक 13 साल की मानसिक रूप से विकलांग बच्ची के साथ 55 साल के व्यक्ति द्वारा की गई शर्मनाक हरकत ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं न केवल कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं बल्कि समाज में बढ़ रहे अपराधियों के हौसले को भी दर्शाती हैं। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश है और लोग सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से अपील की है कि नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर तुरंत रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है और आश्वासन दिया है कि मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाकर जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाएगा।
इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मालेगांव में बच्चियों की सुरक्षा अब बड़ी चुनौती बन चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कानून सख्त करने से बात पूरी नहीं होगी बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाने और परिवारों को सहयोग देने की भी जरूरत है। प्रशासन, समाज और कानून व्यवस्था के बीच मजबूत सामंजस्य ही ऐसे अपराधों को रोकने का प्रभावी रास्ता साबित हो सकता है।