नई दिल्ली :- हैदराबाद स्थित एक उभरती हुई टेक कंपनी ने देश की सुरक्षा तकनीक को नई दिशा देते हुए भारत का पहला एआई पेट्रोल कॉम्बैट वाहन इंद्रजाल रेंजर प्रस्तुत कर इतिहास रच दिया है। यह अत्याधुनिक प्रणाली ऐसे समय में आई है जब देश और दुनिया तेजी से विकसित होते ड्रोन खतरों का सामना कर रहे हैं। इंद्रजाल रेंजर को विशेष रूप से इस उद्देश्य से डिजाइन किया गया है कि वह बिना देरी और बिना मानव हस्तक्षेप के खतरों की पहचान कर सके और उन्हें प्रभावी तरीके से निष्क्रिय कर पाए।
यह वाहन पूरी तरह एआई संचालित है और इसमें लगे सेंसर तथा हाई एंड मॉड्यूल चलते फिरते ड्रोन की गतिविधियों को तुरंत पकड़ लेते हैं। जैसे ही कोई संदिग्ध उड़न उपकरण रेंज में आता है प्रणाली खुद ही उसका पता लगाती है फिर उसकी दिशा गति और ऊंचाई को ट्रैक करती है और खतरे की गंभीरता का त्वरित विश्लेषण करती है। इसके बाद यह वाहन उपयुक्त तकनीक का प्रयोग कर खतरे को नियंत्रित या निष्क्रिय कर देता है।
इंद्रजाल रेंजर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी गतिशीलता है। यह विभिन्न इलाकों में आसानी से चल सकता है और किसी भी समय तैनात किया जा सकता है जिससे सुरक्षा एजेंसियों को मजबूत और तेज प्रतिक्रिया क्षमता मिलती है। इसे सीमावर्ती क्षेत्रों महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों और वीवीआईपी सुरक्षा के लिए बेहद उपयोगी माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तकनीक से भारत की रक्षा प्रणाली को नई मजबूती मिलेगी और स्वदेशी तकनीक के क्षेत्र में एक नया मानदंड स्थापित होगा।
यह नवाचार न केवल सुरक्षा क्षेत्र में भारत की प्रगति को दर्शाता है बल्कि यह भी सिद्ध करता है कि भारतीय तकनीकी कंपनियां विश्व स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इंद्रजाल रेंजर भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का सटीक और स्मार्ट समाधान बनकर उभर रहा है।