फ्रांस :- फ्रांस के सबसे संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठानों में शामिल Île Longue न्यूक्लियर सबमरीन बेस पर गुरुवार रात अचानक हलचल मच गई। बेस के ऊपर कई अवैध ड्रोन मंडराते हुए देखे गए जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों में खलबली मच गई। यह ठिकाना फ्रांस की परमाणु क्षमता का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है जहां देश की रणनीतिक पनडुब्बियां तैनात रहती हैं। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र के ऊपर अनाधिकृत ड्रोन का दिखना न केवल सुरक्षा जोखिम बढ़ाने वाला है बल्कि संभावित जासूसी और साइबर खतरे की आशंका भी पैदा करता है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ड्रोन देर रात अचानक दिखाई दिए और कुछ मिनटों तक क्षेत्र के ऊपर मंडराते रहे। मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत उच्चाधिकारियों को सूचना दी और पूरे क्षेत्र को अलर्ट मोड पर डाल दिया गया। फ्रांसीसी नौसेना और विशेष सुरक्षा इकाइयों ने मिलकर आसमान की निगरानी बढ़ाई तथा ड्रोन की दिशा और गतिविधियों का पता लगाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस उपकरण सक्रिय किए। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन ड्रोन को संचालित कौन कर रहा था और उनका उद्देश्य क्या था।
प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि यह घटना किसी विदेशी एजेंसी या संगठित हैकर समूह का प्रयास हो सकती है। यूरोप में हाल के वर्षों में सैन्य प्रतिष्ठानों के आसपास ड्रोन गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है जिसके कारण सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही सतर्क हैं। फ्रांसीसी रक्षा मंत्रालय ने इस मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए ड्रोन के स्रोत का पता लगाने के लिए विशेष जांच दल गठित किया है।
घटना के बाद Île Longue बेस के आसपास सुरक्षा घेरा और कड़ा कर दिया गया है। गश्त बढ़ा दी गई है और आसमान में निगरानी के लिए एंटी ड्रोन सिस्टम सक्रिय किए गए हैं। यह घटना फ्रांस के सुरक्षा ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी है कि तकनीकी रूप से हो रहे नए खतरों से निपटने के लिए सुरक्षा रणनीतियों को और मजबूत करने की जरूरत है।