लखनऊ (उत्तर प्रदेश):- प्रदेश में मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर चल रहे विशेष पुनरीक्षण अभियान को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कलक्ट्रेट सभागार में मंडलीय समीक्षा बैठक की। इस समीक्षा में उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए साफ सुथरी मतदाता सूची सबसे आवश्यक तत्व है और इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सबसे अधिक फर्जी वोटर अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर में पाए गए हैं इसलिए इन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
फर्जी वोटर की बढ़ती संख्या चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को प्रभावित करती है इसलिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि ऐसे सभी नाम तत्काल चिन्हित किए जाएं और नियमों के अनुसार उन्हें हटाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक बूथ स्तर अधिकारी को अपने क्षेत्र में मौजूद वास्तविक मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करनी होगी ताकि आगे चलकर किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना न बचे।
समीक्षा बैठक में यह भी जोर दिया गया कि एसआईआर अभियान केवल नाम काटने का कार्य नहीं है बल्कि नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि युवाओं को मतदाता सूची से जोड़ने की प्रक्रिया तेज की जाए ताकि लोकतांत्रिक भागीदारी और मजबूत हो सके। विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने और बीएलओ को सक्रिय रखने पर भी बल दिया गया।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि किसी भी जिले में मतदाता पुनरीक्षण का कार्य केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। हर बूथ पर वास्तविक पड़ताल अनिवार्य है और इसमें ईमानदारी और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री का यह रुख बताता है कि प्रदेश सरकार चुनाव व्यवस्था को मजबूत आधार देना चाहती है और इसके लिए फर्जी वोटरों पर कार्रवाई तथा नए पात्र नागरिकों को जोड़ने दोनों पर ही समान ध्यान दिया जाएगा। यह प्रयास प्रदेश में निष्पक्ष और सुदृढ़ लोकतांत्रिक वातावरण को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।