DMK Explores तमिलनाडु:- तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है जब डीएमके ने मदुरै के थिरुपारंकुंद्रम मंदिर में दीपक जलाने के मामले में हाईकोर्ट के न्यायाधिकारी जी आर स्वामीनाथन को हटाने के लिए कदम उठाया है। स्वामीनाथन ने अपने एक आदेश में मंदिर के पास एक दीपक जलाने की अनुमति दी थी जिसे डीएमके सरकार ने चुनौती दी है ।
स्वामीनाथन का जन्म 1968 में हुआ था और उन्होंने अपनी कानून की पढ़ाई सलेम के सेंट्रल लॉ कॉलेज और चेन्नई के डॉ. अंबेडकर गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से पूरी की। उन्होंने 1991 में एक वकील के रूप में अपना करियर शुरू किया और 2017 में मद्रास हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधिकारी बने। उन्हें 2019 में स्थायी न्यायाधिकारी बनाया गया था।स्वामीनाथन के इस आदेश के खिलाफ डीएमके ने संसद में उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। डीएमके का कहना है कि स्वामीनाथन का आदेश तमिलनाडु की संस्कृति और धर्म के खिलाफ है। इस मामले में अब आगे क्या होगा यह देखना दिलचस्प होगा।