नई दिल्ली :- नई दिल्ली की तेज रफ्तार हवाई यात्रा दुनिया में इंडिगो ने हमेशा अपने विशाल नेटवर्क और समय पालन के लिए पहचान बनाई है लेकिन हाल के दिनों में यात्रियों के लिए यह एयरलाइन एक बड़ी चुनौती के रूप में उभर रही है। सरकार द्वारा दो वर्ष पहले लागू किए गए नए फ्लाइट सुरक्षा नियम अब अपने प्रभाव को और कठोर रूप में दिखा रहे हैं। इन्हीं नियमों के कारण 5 दिसंबर 2025 को इंडिगो को दो हजार से अधिक फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं और इससे देश भर के यात्रियों में भारी असंतोष फैल गया।
एयरलाइन उद्योग के जानकारों का मानना है कि सुरक्षा मानकों को मजबूत करने का उद्देश्य सही है लेकिन इसके साथ एयरलाइनों के लिए पर्याप्त तैयारी का समय भी जरूरी था। इंडिगो के बड़े ऑपरेशन नेटवर्क और विविध रूट संरचना के कारण अचानक लागू हुए इन मानकों का प्रभाव और गहरा हुआ। कई यात्रियों को यात्रा के ठीक पहले फ्लाइट रद्द होने की जानकारी मिली जिससे बिजनेस मीटिंग्स पारिवारिक कार्यक्रमों और जरूरी यात्राओं पर पानी फिर गया।
यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और बड़ी संख्या में लोगों ने एयरलाइन से उचित मुआवजे की मांग भी उठाई। विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षा नियमों का पालन न करने के परिणाम और भी गंभीर हो सकते हैं इसलिए एयरलाइन के पास फ्लाइट रद्द करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। हालांकि इस कदम ने हवाई यात्रा की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न जरूर लगा दिया है।
सरकार ने संकेत दिया है कि वह एयरलाइनों के साथ मिलकर एक ऐसी कार्ययोजना बनाएगी जिससे सुरक्षा भी बनी रहे और यात्रियों को असुविधा भी न हो। इंडिगो ने भी कहा है कि वह स्थिति को जल्द सामान्य करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह संकट कम होगा और यात्री फिर से भरोसे के साथ उड़ान भर सकेंगे।