नई दिल्ली :- नई दिल्ली में गोवा नाइट क्लब में लगी भीषण आग की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है और इसी के बाद राज्य सरकार ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए जिम्मेदारियों की पड़ताल शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने मौके पर पहुंचकर सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में दोहराने की गुंजाइश न बचे। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने उस नाइट क्लब को जमीदोज करने का आदेश दिया जहां आग ने भयावह रूप लिया था और कई जानें खतरे में पड़ गईं।
गोवा सरकार का कहना है कि यह कदम केवल सजा के रूप में नहीं बल्कि एक चेतावनी के रूप में भी लिया गया है ताकि राज्य में बड़े स्तर पर चल रहे पर्यटन कारोबार में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। प्रशासन ने बताया कि जिस क्लब में हादसा हुआ वहां सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था और आग बुझाने के इंतजाम भी बेहद कमजोर पाए गए थे। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत किया है क्योंकि आए दिन देर रात होने वाली अव्यवस्थित गतिविधियों से क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल बन गया था।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अब पूरे राज्य में सभी नाइट क्लबों और मनोरंजन स्थलों की गहन जांच की जाएगी ताकि किसी भी तरह की लापरवाही को तुरंत चिन्हित किया जा सके। सरकार सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले हर संस्थान पर बिना किसी रियायत के कठोर दंड लागू करेगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे आग से बचाव से संबंधित उपकरणों की उपलब्धता से लेकर आपातकालीन निकास मार्ग तक हर पहलू की पूरी समीक्षा करें।
इस घटना के बाद पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के बीच जागरूकता भी बढ़ी है। लोग यह समझ रहे हैं कि मनोरंजन का महत्व अपनी जगह है पर सुरक्षा के बिना किसी भी आनंद का कोई मूल्य नहीं रह जाता। गोवा प्रशासन का यह कठोर फैसला आने वाले समय में राज्य के पर्यटन वातावरण को और अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।