बहराइच (उत्तर प्रदेश):- बहराइच जिले में वर्ष 2024 के दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान हुई हिंसा ने पूरे क्षेत्र को गहरे दुख और तनाव में डाल दिया था। इसी घटना में मारे गए 22 वर्षीय राम गोपाल मिश्रा की हत्या लंबे समय तक चर्चा का विषय रही और पीड़ित परिवार न्याय की प्रतीक्षा करता रहा। अब इस मामले में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है क्योंकि अपर सत्र न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा की अदालत ने आज अपना फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी सरफराज को दोषी करार दिया और उसे मृत्युदंड की सजा दी।
अदालत ने इस मामले की पूरी सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों गवाहियों और जांच रिपोर्टों के आधार पर निष्कर्ष निकाला कि घटना योजनाबद्ध हिंसा का हिस्सा थी जिसमें राम गोपाल की जान चली गई थी। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में कठोर दंड समाज में कानून और व्यवस्था के प्रति विश्वास को मजबूत करता है।
फैसला सुनाए जाने के बाद पीड़ित परिवार ने न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि यह फैसला उनके लिए दर्दनाक घटना के बाद कुछ हद तक राहत लेकर आया है। स्थानीय प्रशासन ने भी अदालत के निर्णय का स्वागत किया और कहा कि यह कदम समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
बहराइच की इस घटना ने जिले ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। हालांकि अब अदालत के फैसले से यह संदेश गया है कि किसी भी प्रकार की हिंसा कानून के विरुद्ध है और इसके लिए कठोर सजा तय है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी निगरानी रखी जाएगी ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और समाज सुरक्षित वातावरण में आगे बढ़ सके।