Menstrual Leave कर्नाटक:- कर्नाटक सरकार ने मेनस्ट्रुअल लीव बिल 2025 को मंजूरी देने की तैयारी कर ली है जो महिलाओं को हर महीने एक दिन की पेड लीव प्रदान करेगा। इस बिल के तहत, सरकारी और निजी क्षेत्र की महिलाएं, छात्राएं, और ट्रांसजेंडर व्यक्ति इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे ।
बिल के प्रमुख बिंदु:
– महिलाओं के लिए: सरकारी और निजी क्षेत्र की महिलाएं हर महीने एक दिन की पेड लीव ले सकती हैं।
– छात्राओं के लिए: छात्राएं हर महीने दो दिन की लीव ले सकती हैं और उनकी उपस्थिति में 2% की छूट दी जाएगी।
– ट्रांसजेंडर व्यक्ति: ट्रांसजेंडर व्यक्ति भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
– पेनल्टी: यदि कोई नियोक्ता मेनस्ट्रुअल लीव देने से इनकार करता है या भेदभाव करता है तो उसे ₹5,000 का जुर्माना लग सकता है ।
बिल का उद्देश्य:
इस बिल का उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को मेनस्ट्रुअल पेन और अन्य समस्याओं से निपटने में मदद करना है। यह बिल महिलाओं के स्वास्थ्य और अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
बिल की वर्तमान स्थिति:
बिल को जल्द ही कर्नाटक विधानसभा में पेश किया जाएगा। यदि यह बिल पारित हो जाता है, तो कर्नाटक मेनस्ट्रुअल लीव प्रदान करने वाला भारत का पहला राज्य बन जाएगा।