Notifiable disease : सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर को नोटिफ़ाइबल बीमारी बनाने की याचिका पर केंद्र और राज्यों से मांगा जवाब

Notifiable disease नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर को नोटिफ़ाइबल बीमारी घोषित करने की मांग वाली एक याचिका पर केंद्र और सभी राज्यों से जवाब मांगा है। यह याचिका डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने दायर की है जो एआईएमएस के पूर्व प्रमुख हैं।

याचिका में कहा गया है कि कैंसर के मामलों की रिपोर्टिंग न होने से देश में इस बीमारी के प्रकोप को समझने और उसका सामना करने में कठिनाई हो रही है। याचिका में यह भी कहा गया है कि कैंसर के इलाज में देरी और गलत उपचार के कारण मरीजों की स्थिति और भी खराब हो रही है सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी किया है। बेंच ने कहा कि कैंसर एक गंभीर बीमारी है और इसके प्रकोप को कम करने के लिए सरकार को उचित कदम उठाने चाहिए।

याचिका में यह भी मांग की गई है कि सरकार कैंसर के इलाज के लिए एक राष्ट्रीय नीति बनाए और इसके लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए। साथ ही, याचिका में यह भी कहा गया है कि सरकार को कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाना चाहिए इस मामले में अगली सुनवाई जल्द ही होगी।

क्या है नोटिफ़ाइबल बीमारी?

नोटिफ़ाइबल बीमारी वह बीमारी होती है जिसकी रिपोर्टिंग सरकार को करनी आवश्यक होती है। इसका उद्देश्य बीमारी के प्रकोप को समझने और उसका सामना करने के लिए आवश्यक कदम उठाना होता है ।

कैंसर को नोटिफ़ाइबल बीमारी बनाने के फायदे

– कैंसर के मामलों की रिपोर्टिंग बढ़ेगी

– कैंसर के इलाज में सुधार होगा

– कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ेगी

– कैंसर के प्रकोप को कम किया जा सकेगा

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