नई दिल्ली :- साल्ट लेक स्टेडियम में अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनल मेस्सी के कार्यक्रम के दौरान हुए बवाल ने पूरे शहर में हलचल मचा दी। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में प्रशंसक स्टेडियम पहुंचे थे। सभी को उम्मीद थी कि उन्हें अपने पसंदीदा खिलाड़ी की एक झलक देखने को मिलेगी। लेकिन तय समय पर मेस्सी के मंच पर न आने से दर्शकों में नाराजगी फैल गई।
भीड़ लंबे समय तक इंतजार करती रही। जब स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई तो दर्शकों का गुस्सा भड़क उठा। कुछ लोगों ने कुर्सियां तोड़ दीं और शोर शराबा शुरू हो गया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। स्टेडियम में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करना पड़ा ताकि स्थिति काबू में लाई जा सके।
घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आयोजन से जुड़ी कई व्यवस्थाएं सही तरीके से नहीं की गई थीं। दर्शकों को मेस्सी की मौजूदगी को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी। इसी लापरवाही के कारण हालात बिगड़े। पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए कार्यक्रम के मुख्य आयोजक को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आयोजक ने सुरक्षा और प्रबंधन के नियमों का पालन नहीं किया। इसके अलावा भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। इस कारण दर्शकों की नाराजगी हिंसा में बदल गई। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आयोजन की अनुमति से जुड़ी शर्तों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।
इस घटना के बाद खेल आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े खिलाड़ियों के कार्यक्रमों में भीड़ प्रबंधन बेहद जरूरी है। प्रशंसकों की भावनाओं को समझते हुए पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है। साल्ट लेक स्टेडियम की यह घटना आयोजकों के लिए एक बड़ी सीख बनकर सामने आई है।