अलीगढ़ :- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से सामने आए एक अजीबोगरीब मामले ने प्रशासन और पुलिस दोनों को हैरानी में डाल दिया है। महानगर के बन्ना देवी क्षेत्र में रहने वाले एक प्लंबर ने प्रधानमंत्री कार्यालय के आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत भेजकर खुद को देश की प्रमुख ऐतिहासिक धरोहरों का मालिक बताया है। इस पत्र में उसने दिल्ली और आगरा के लाल किले के साथ साथ कुतुब मीनार पर भी अपना अधिकार जताया है।
शिकायत सामने आने के बाद संबंधित विभागों में हलचल मच गई। आमतौर पर आईजीआरएस पोर्टल पर लोग बिजली पानी सड़क या प्रशासनिक समस्याओं की शिकायत दर्ज कराते हैं लेकिन इस तरह का दावा पहली बार देखने को मिला। प्लंबर ने अपने पत्र में खुद को इन धरोहरों का वारिस बताते हुए कहा है कि उसके पास इससे जुड़े पुराने दस्तावेज मौजूद हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसकी प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि शुरुआती स्तर पर इस दावे को आधारहीन माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि लाल किला और कुतुब मीनार जैसी ऐतिहासिक धरोहरें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संरक्षण में हैं और इन पर किसी निजी व्यक्ति का स्वामित्व संभव नहीं है।
पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि शिकायतकर्ता का उद्देश्य क्या था। कुछ अधिकारी इसे मानसिक भ्रम से जुड़ा मामला मान रहे हैं जबकि कुछ का कहना है कि हो सकता है यह सिर्फ चर्चा में आने का तरीका हो। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि शिकायत में किसी तरह की धोखाधड़ी या गलत मंशा तो नहीं छिपी है।
यह मामला अब स्थानीय स्तर से निकलकर सोशल मीडिया और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। लोग इसे अजीब दावे के रूप में देख रहे हैं और तरह तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। फिलहाल प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस दावे पर कोई अंतिम टिप्पणी की जाएगी।