नई दिल्ली :- साल 2025 इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक अहम बदलाव लेकर आया है। लंबे समय तक बीटेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग को सबसे लोकप्रिय और हाईफ्लाइंग ब्रांच माना जाता रहा है। अच्छे पैकेज ग्लोबल अवसर और तेजी से बढ़ते आईटी सेक्टर की वजह से छात्रों की पहली पसंद हमेशा सीएसई ही रही। लेकिन 2025 में तस्वीर कुछ अलग नजर आने लगी है।
इस साल छात्रों की प्राथमिकताओं में विविधता देखने को मिल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा साइंस साइबर सिक्योरिटी और मशीन लर्निंग जैसी स्पेशलाइज्ड ब्रांच तेजी से उभर रही हैं। कई कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में इन नई शाखाओं के लिए कटऑफ भी पारंपरिक सीएसई के बराबर या उससे ज्यादा पहुंच गया है। इसका साफ संकेत है कि छात्र अब केवल एक ही ब्रांच तक सीमित नहीं रहना चाहते।
इसके साथ ही कोर इंजीनियरिंग ब्रांच जैसे इलेक्ट्रिकल मैकेनिकल और सिविल में भी नई जान आई है। ग्रीन एनर्जी इलेक्ट्रिक व्हीकल स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बढ़ते निवेश ने इन शाखाओं को फिर से आकर्षक बना दिया है। कंपनियां अब ऐसे इंजीनियर चाहती हैं जो हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों की समझ रखते हों।
नौकरी बाजार में भी बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। केवल कोडिंग स्किल्स के बजाय प्रॉब्लम सॉल्विंग एनालिटिकल थिंकिंग और डोमेन नॉलेज को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। इसी वजह से मल्टी डिसिप्लिनरी स्किल्स वाले छात्रों की मांग बढ़ी है। कई स्टूडेंट्स अब ड्यूल स्किल सेट के साथ ग्रेजुएशन की योजना बना रहे हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव भविष्य के लिहाज से सकारात्मक है। इससे छात्रों के पास ज्यादा विकल्प होंगे और वे अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार करियर चुन पाएंगे। 2025 ने यह साफ कर दिया है कि इंजीनियरिंग में सफलता का रास्ता अब सिर्फ एक ब्रांच से होकर नहीं गुजरता बल्कि नए अवसरों और नई सोच से बनता है।