Grace and Public नई दिल्ली:- इंडीगो की उड़ानें रद्द होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। सोमवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह एक गंभीर और सार्वजनिक चिंता का विषय है, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट में पहले से ही इस मामले की सुनवाई चल रही है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगा सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, “यह एक गंभीर मामला है लाखों लोग हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। हमें पता है कि सरकार ने समय पर कार्रवाई की है और इस मुद्दे को संज्ञान में लिया है।” उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट भी एक संवैधानिक अदालत है और यदि याचिकाकर्ता की शिकायतें वहां नहीं सुनी जाती हैं तो वह सुप्रीम कोर्ट में आ सकते हैं।
इंडीगो ने पायलटों के उड़ान ड्यूटी और नियमों में बदलाव के कारण उड़ानें रद्द की हैं जिससे लाखों यात्री प्रभावित हुए हैं। डीजीसीए ने इंडिगो को अपनी सर्दियों की घरेलू उड़ानें 10% कम करने का निर्देश दिया है इंडीगो ने प्रभावित यात्रियों को ₹500 करोड़ से अधिक का मुआवजा देने का अनुमान लगाया है। यात्रियों को उनके उड़ान रद्द होने पर रिफंड और वाउचर दिए जा रहे हैं।