नई दिल्ली :- दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई कांग्रेस की रैली अब संसद तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए कथित आपत्तिजनक नारों को लेकर लोकसभा और राज्यसभा दोनों में जोरदार हंगामा देखने को मिला। सत्तारूढ़ भाजपा ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताया।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सदन में कहा कि देश के प्रधानमंत्री के लिए इस तरह की भाषा स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर सीधा निशाना साधते हुए राहुल गांधी और सोनिया गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग की। नड्डा का कहना था कि अगर कांग्रेस इस तरह की राजनीति से खुद को अलग नहीं करती तो यह देश की राजनीति के स्तर को और गिराएगा।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक असहमति अपनी जगह है लेकिन अपशब्दों का इस्तेमाल लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जानबूझकर विवाद खड़ा कर संसद की कार्यवाही बाधित करना चाहती है।
वहीं कांग्रेस की ओर से इन आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के विवादों को तूल दे रही है। कांग्रेस ने यह भी कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने की कोशिश की जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम के चलते संसद की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और दोनों सदनों में शोर शराबा बना रहा। राजनीतिक गलियारों में यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या इस विवाद का असर आगामी सत्र की कार्यवाही और राजनीतिक माहौल पर पड़ेगा।
अब यह मामला केवल एक रैली तक सीमित नहीं रहा बल्कि सत्ता और विपक्ष के बीच नई टकराव की वजह बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस माफी की मांग पर क्या रुख अपनाती है या यह विवाद और गहराता है।