मनरेगा की जगह क्या है नया G Ram G विधेयक और क्यों है यह खास

 

 

नई दिल्ली :- केंद्र सरकार शीतकालीन सत्र के दौरान ग्रामीण रोजगार से जुड़ा एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। संसद में पेश होने वाला नया विधेयक G Ram G के नाम से चर्चा में है। इसे मनरेगा की जगह लाने की योजना है। सरकार का दावा है कि यह योजना ग्रामीण विकास को नई दिशा देगी और रोजगार के साथ आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देगी।

 

G Ram G का फुल फॉर्म ग्रामीण रोजगार और आत्मनिर्भर मिशन गारंटी बताया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य केवल मजदूरी देना नहीं बल्कि गांवों में स्थायी आजीविका के अवसर तैयार करना है। मनरेगा में जहां ज्यादा जोर अस्थायी काम पर था वहीं G Ram G के तहत स्किल डेवलपमेंट स्थानीय उद्योग और कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने पर फोकस किया जाएगा।

 

नए विधेयक के तहत पंचायतों की भूमिका और मजबूत की जाएगी। गांव स्तर पर ही यह तय किया जाएगा कि किस क्षेत्र में किस तरह का काम जरूरी है। इससे रोजगार स्थानीय जरूरतों के अनुसार मिलेगा और पलायन की समस्या भी कम होने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इससे गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

 

G Ram G योजना में तकनीक का भी अहम रोल होगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए काम का रिकॉर्ड भुगतान और निगरानी की जाएगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। मजदूरों को सीधे खाते में भुगतान मिलेगा जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी।

 

हालांकि इस विधेयक को लेकर विपक्ष ने सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि मनरेगा गरीबों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच रहा है और उसकी जगह नई योजना लाना जोखिम भरा हो सकता है। सरकार ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा है कि G Ram G मनरेगा से ज्यादा व्यापक और प्रभावी होगा।

 

आने वाले दिनों में जब यह विधेयक संसद में पेश होगा तब इसकी पूरी रूपरेखा सामने आएगी। फिलहाल इतना तय है कि अगर यह लागू हुआ तो ग्रामीण रोजगार नीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। देश की करोड़ों ग्रामीण आबादी की नजर अब इस नए कदम पर टिकी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *