मुंबई (महाराष्ट्र):- हिंदी सिनेमा के दिग्गज फिल्मकार राज कपूर अपने समय से आगे सोचने के लिए जाने जाते थे। उन्होंने प्रेम रोग जैसी फिल्म बनाकर समाज की रूढ़ियों को खुली चुनौती दी थी। यह फिल्म विधवा विवाह जैसे संवेदनशील विषय पर आधारित थी और उस दौर में काफी चर्चा में रही। फिल्म में ऋषि कपूर और पद्मिनी कोल्हापुरे की जोड़ी को खूब सराहा गया लेकिन इससे जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा बहुत कम लोग जानते हैं।
बताया जाता है कि प्रेम रोग के लिए राज कपूर पहले किसी और अभिनेत्री को कास्ट करना चाहते थे। वह अभिनेत्री पाकिस्तान की जानी मानी स्टार थीं। राज कपूर को उनका अभिनय इतना पसंद आया कि उन्होंने उन्हें न सिर्फ फिल्म के लिए चुना बल्कि अपने परिवार का हिस्सा बनाने तक की इच्छा जता दी। कहा जाता है कि राज कपूर ने अपने बेटे ऋषि कपूर के लिए उस पाकिस्तानी अभिनेत्री को दुल्हन बनाने का प्रस्ताव भी रख दिया था।
उस समय भारत और पाकिस्तान के रिश्ते बेहद संवेदनशील थे। इसके बावजूद राज कपूर कला और कलाकार के बीच कोई सीमा नहीं मानते थे। उनके लिए प्रतिभा सबसे बड़ी पहचान थी। यही वजह थी कि उन्होंने सीमा पार की अभिनेत्री को अपनी फिल्म और परिवार दोनों के लिए उपयुक्त समझा। हालांकि यह प्रस्ताव किन कारणों से आगे नहीं बढ़ सका इसकी आधिकारिक पुष्टि कभी नहीं हुई।
आखिरकार प्रेम रोग में पद्मिनी कोल्हापुरे को लिया गया और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस के साथ साथ सामाजिक स्तर पर भी गहरी छाप छोड़ी। ऋषि कपूर के करियर में यह फिल्म मील का पत्थर साबित हुई। वहीं राज कपूर की सोच और साहस ने उन्हें सिनेमा का शोमैन बना दिया।
यह किस्सा आज भी यह साबित करता है कि राज कपूर सिर्फ फिल्में ही नहीं बनाते थे बल्कि सामाजिक दीवारों को तोड़ने की कोशिश भी करते थे। उनकी सोच उस दौर में बेहद क्रांतिकारी थी। प्रेम रोग सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि समाज को आईना दिखाने की एक मजबूत कोशिश थी जो आज भी उतनी ही प्रासंगिक लगती है।