नई दिल्ली:- नीट परीक्षा के रिजल्ट को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसमें एक छात्र के महज 90 अंक को बढ़ाकर 514 दिखा दिया गया। इसी फर्जी रिजल्ट के आधार पर वह युवक सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेकर सरकारी अस्पताल के हॉस्टल में रहने भी लगा। लंबे समय तक किसी को इस गड़बड़ी की भनक नहीं लगी लेकिन आखिरकार सच्चाई सामने आ ही गई।
जानकारी के मुताबिक युवक ने नीट परीक्षा में वास्तविक रूप से बेहद कम अंक हासिल किए थे। बावजूद इसके उसने जाली दस्तावेजों के जरिए अपने अंक 514 दर्शाए और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पा लिया। कॉलेज प्रशासन को भी शुरुआत में दस्तावेज सही लगे जिसके चलते उसे न सिर्फ दाखिला मिल गया बल्कि हॉस्टल की सुविधा भी दे दी गई।
मामले का खुलासा तब हुआ जब कॉलेज में आंतरिक सत्यापन के दौरान कुछ दस्तावेजों में असमानता पाई गई। अधिकारियों को संदेह हुआ और उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से सीधे छात्र के नीट रोल नंबर और रिजल्ट का मिलान कराया। जांच में पता चला कि छात्र के असली अंक सिर्फ 90 थे जबकि दाखिले के समय जमा किया गया स्कोरकार्ड पूरी तरह फर्जी था।
जैसे ही सच्चाई सामने आई कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया। तुरंत छात्र को हॉस्टल से बाहर निकाला गया और उसका दाखिला रद्द कर दिया गया। इसके साथ ही पूरे मामले की सूचना पुलिस और संबंधित एजेंसियों को दी गई।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में कोई गिरोह शामिल है या नहीं और स्कोरकार्ड बनाने में किन लोगों की भूमिका रही। अधिकारियों का कहना है कि अगर इसमें किसी कर्मचारी या एजेंट की मिलीभगत पाई गई तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही ईमानदारी से मेहनत करने वाले छात्रों के साथ हो रहे अन्याय को भी उजागर किया है।