नई दिल्ली :- ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर एक बार फिर से सरकारी कर्मचारियों के बीच चर्चा तेज हो गई है। लंबे समय से कर्मचारी यह मांग कर रहे हैं कि पुरानी पेंशन व्यवस्था को दोबारा लागू किया जाए ताकि रिटायरमेंट के बाद उन्हें निश्चित और सुरक्षित आय मिल सके। इसी बीच संसद में इस मुद्दे पर सवाल उठाया गया जिस पर वित्त मंत्री ने सरकार की ओर से जवाब दिया।
वित्त मंत्री ने सदन में कहा कि सरकार सरकारी कर्मचारियों के भविष्य और सामाजिक सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि ओल्ड पेंशन स्कीम को फिर से लागू करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव सरकार के सामने नहीं है। उन्होंने बताया कि पुरानी पेंशन योजना में सरकार को रिटायर कर्मचारियों की पेंशन का पूरा बोझ उठाना पड़ता है जो लंबे समय में वित्तीय दबाव बढ़ाता है।
वित्त मंत्री के अनुसार नई पेंशन योजना को इस तरह तैयार किया गया है कि यह भविष्य में ज्यादा टिकाऊ साबित हो सके। इसमें कर्मचारियों और सरकार दोनों का योगदान होता है जिससे पेंशन फंड मजबूत बनता है। सरकार का फोकस इस बात पर है कि एनपीएस को और बेहतर बनाया जाए ताकि कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद सम्मानजनक जीवन मिल सके।
सरकार ने यह भी जानकारी दी कि नई पेंशन योजना में न्यूनतम गारंटीड पेंशन और बेहतर रिटर्न जैसे विकल्पों पर लगातार विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही कर्मचारियों को टैक्स में राहत और पेंशन फंड की सुरक्षा से जुड़े कई सुधार पहले ही लागू किए जा चुके हैं।
इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि फिलहाल ओल्ड पेंशन स्कीम की वापसी की संभावना कम है। लेकिन सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत की बात यह है कि सरकार नई पेंशन व्यवस्था को ज्यादा लाभकारी और सुरक्षित बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। आने वाले समय में पेंशन से जुड़े नियमों में और सुधार की उम्मीद की जा रही है।