Draft Rolls पश्चिम बंगाल:- पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची का विशेष संशोधन किया है जिसके तहत 58 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। इस संशोधन में हिंदी भाषी क्षेत्रों में भारी कटौती हुई है जबकि मुस्लिम बहुल इलाकों में इसका कम प्रभाव देखा गया है। चुनाव आयोग के अनुसार हटाए गए मतदाताओं में से अधिकांश वे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं या जिनके नाम दोहराए गए हैं। हालांकि हिंदी भाषी क्षेत्रों में हटाए गए मतदाताओं की संख्या अधिक है जिससे राजनीतिक दलों में चिंता पैदा हो गई है।
हिंदी भाषी क्षेत्रों में भारी कटौती
जोरासांको, चौरिंगी, कोलकाता पोर्ट और भवानीपुर जैसे हिंदी भाषी क्षेत्रों में 15-36% मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में हिंदी भाषी आबादी है, जो कि तृणमूल कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण वोट बैंक है।
मुस्लिम बहुल इलाकों में कम प्रभाव
दूसरी ओर मुस्लिम बहुल इलाकों जैसे कि मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तर दिनाजपुर में हटाए गए मतदाताओं की संख्या कम है। इन क्षेत्रों में मुस्लिम आबादी 50% से अधिक है जो कि तृणमूल कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण वोट बैंक है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस संशोधन पर राजनीतिक दलों ने प्रतिक्रिया दी है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि यह संशोधन भाजपा की ओर से किया गया है जिसका उद्देश्य हिंदी भाषी मतदाताओं को वोट देने से रोकना है। भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि यह संशोधन मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए किया गया है। चुनाव आयोग ने कहा है कि हटाए गए मतदाता अपना नाम वापस जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आयोग ने कहा है कि यह संशोधन मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए किया गया है न कि किसी विशेष समुदाय या पार्टी को निशाना बनाने के लिए है।