सरकार मनरेगा की जगह नई रोजगार गारंटी योजना लागू करने की तैयारी में

 

नई दिल्ली :- केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रही है। सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को समाप्त कर उसकी जगह एक नई रोजगार गारंटी योजना लागू करने की योजना बना रही है। इसके लिए लोकसभा में नया विधेयक पेश करने की तैयारी की जा रही है।

मनरेगा ग्रामीण भारत में रोजगार और आजीविका का अहम स्तंभ रही है। यह कानून ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम मजदूरी पर रोजगार सुनिश्चित करता था और गरीब परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता था। हालांकि सरकार का मानना है कि मौजूदा प्रणाली में कई जगह प्रशासनिक जटिलताएं और लाभार्थियों तक सीमित पहुंच जैसी समस्याएं रही हैं।

नई योजना में सरकार ने यह संकेत दिए हैं कि रोजगार के अवसरों को अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए सुधार किए जाएंगे। इसमें तकनीकी निगरानी, ऑनलाइन पंजीकरण और पारदर्शिता बढ़ाने वाले उपाय शामिल हो सकते हैं। साथ ही रोजगार के नए स्वरूप और कौशल आधारित अवसर भी शामिल किए जाने की संभावना है, ताकि ग्रामीण युवाओं को स्थायी आजीविका का विकल्प मिल सके।

सरकार का कहना है कि यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और मजदूरों की आय में सुधार लाने की दिशा में उठाया जा रहा है। लोकसभा में विधेयक पेश होने के बाद संसद में चर्चा और संशोधन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद ही नई योजना का क्रियान्वयन शुरू होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि मनरेगा जैसी योजना का स्थान लेने वाली नई गारंटी योजना ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है यदि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। आम जनता के लिए यह बदलाव रोजगार और आजीविका के नए अवसर लेकर आएगा।

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