House panel दिल्ली:- संसद की एक समिति ने सोनम वांगचुक के लद्दाख स्थित हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स (HIAL) के काम को “अनुकरणीय” बताया है लेकिन उनकी गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। समिति के सदस्यों ने कहा कि वांगचुक का काम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप है और उन्हें यूजीसी मान्यता मिलनी चाहिए ।
वांगचुक को 26 सितंबर को लद्दाख में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत गिरफ्तार किया गया था। उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने उनकी को अवैध और मनमानी बताया है संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एचआईएएल ने स्थानीय समुदाय पर जबरदस्त प्रभाव डाला है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। समिति ने यूजीसी से एचआईएएल को मान्यता देने की सिफारिश की है ।
सोनम वांगचुक के काम की तारीफ
संसदीय समिति के सदस्य दिग्विजय सिंह ने कहा कि वांगचुक का काम “अनुकरणीय” है और उन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप काम करने के लिए सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वांगचुक की गिरफ्तारी एक “इनाम” है जो उन्हें उनके काम के लिए दिया गया है।