RBI Return दिल्ली:- भारत के रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रुपये की एकतरफा गिरावट को रोकने के लिए बुधवार को बाजार में हस्तक्षेप किया जिससे भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ। आरबीआई ने डॉलर बेचकर रुपये को समर्थन दिया, जिससे यह 90.28 के स्तर पर पहुंच गया जो कि पहले 91 के स्तर पर था । आरबीआई की इस कार्रवाई से बाजार में स्थिरता आई है और विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रुपये की गिरावट को रोकने में मदद मिलेगी। आरबीआई ने पिछले अक्टूबर और नवंबर में भी इसी तरह की कार्रवाई की थी जब रुपये की गिरावट को रोकने के लिए डॉलर बेचे गए थे ।
रुपये की गिरावट के कारण
रुपये की गिरावट के कई कारण हैं जिनमें से एक है भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की अनिश्चितता। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों की निकासी और आयात के लिए डॉलर की मांग भी रुपये की गिरावट का कारण है ।
आरबीआई की भविष्य की कार्रवाई
आरबीआई की भविष्य की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि रुपये की गिरावट को कैसे रोका जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई आगे भी बाजार में हस्तक्षेप कर सकता है लेकिन यह इस बात पर निर्भर करेगा कि रुपये की गिरावट को कैसे रोका जा सकता है।