Bill to replace : एमजीएनआरईजीए को बदलने वाले बिल पर विवाद: टीडीपी ने राज्य पर बढ़ते बोझ पर उठाया सवाल

Bill to replace दिल्ली – लोकसभा में मंगलवार को पेश किए गए विकास भारत रोजगार-जीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025 को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी दलों ने इस बिल का विरोध करते हुए इसे महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) की जगह लाने का आरोप लगाया है।

विपक्षी दलों का आरोप है कि यह बिल एमजीएनआरईजीए के तहत मिलने वाले रोजगार की गारंटी को कमजोर करेगा और राज्य सरकारों पर वित्तीय बोझ बढ़ाएगा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे महात्मा गांधी के विचारों के खिलाफ बताया है। टीडीपी नेता लवू श्री कृष्ण देव राय ने कहा कि यह बिल राज्य सरकारों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालता है खासकर आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों पर। बिल के अनुसार केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच लागत का अनुपात 60:40 होगा, जबकि एमजीएनआरईजीए में यह अनुपात 90:10 था। इसका मतलब है कि राज्य सरकारों को अब अधिक वित्तीय बोझ उठाना होगा। विपक्षी दलों का कहना है कि इससे राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति और खराब होगी और गरीबों को मिलने वाले रोजगार के अवसर कम होंगे ।

विपक्षी दलों ने यह भी आरोप लगाया है कि सरकार एमजीएनआरईजीए को कमजोर करने की कोशिश कर रही है और गरीबों के अधिकारों को खत्म करना चाहती है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि यह बिल गरीबों के खिलाफ है और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करेगा दूसरी ओर सरकार का कहना है कि यह बिल एमजीएनआरईजीए को और मजबूत बनाएगा और गरीबों को अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करेगा। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह बिल महात्मा गांधी के विचारों के अनुरूप है और गरीबों के लिए एक बड़ा कदम है।

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