नई दिल्ली:- कफ सीरप से जुड़े मामले में जांच एजेंसियों ने एक गंभीर आशंका जताई है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इस अवैध कारोबार के पीछे हवाला नेटवर्क के माध्यम से आतंकी फंडिंग की जा सकती है। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सूचनाएं एकत्र कर रही हैं। खास तौर पर खाड़ी देशों और बांग्लादेश से जुड़े संदिग्ध लेनदेन पर नजर रखी जा रही है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि कफ सीरप की आड़ में बड़ी मात्रा में धन का अवैध आवागमन किया गया। इस धन का इस्तेमाल किन गतिविधियों में हुआ यह जानने के लिए वित्तीय लेनदेन की परतें खोली जा रही हैं। हवाला नेटवर्क के जरिए पैसा भेजने और प्राप्त करने के तरीकों की गहन पड़ताल की जा रही है। एजेंसियों को शक है कि यह पैसा देश विरोधी गतिविधियों को समर्थन देने में भी लगाया गया हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार खाड़ी देशों में काम कर रहे कुछ संदिग्ध लोगों के बैंक खातों और संपर्कों की जानकारी मांगी गई है। बांग्लादेश के साथ भी खुफिया सूचनाओं का आदान प्रदान किया जा रहा है। वहां से आने वाले धन के स्रोत और इसके उपयोग की जांच तेज कर दी गई है। अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि यह नेटवर्क कितनी दूर तक फैला हुआ है।
सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि कफ सीरप की आपूर्ति किन मार्गों से की गई और किन लोगों ने इसमें भूमिका निभाई। अब तक कई दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है। जांच एजेंसियों का कहना है कि देश की सुरक्षा से जुड़े किसी भी खतरे को हल्के में नहीं लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।