Hijab Controversy बिहार:- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक विवादित वीडियो ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है जिसमें उन्होंने एक महिला डॉक्टर का हिजाब खींचा था। इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने उनकी आलोचना की है और उनके इस्तीफे की मांग की है। हालांकि, जेडीयू ने उनका बचाव करते हुए कहा है कि उन्हें महिलाओं के लिए किए गए कामों से आंका जाना चाहिए जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, “इस फ्लैश इन्सिडेंट में बहुत कुछ पढ़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री सिर्फ आयुष डॉक्टर की पहचान पूछ रहे थे। अब इसमें राजनीतिक और धार्मिक रंग दिया जा रहा है। नीतीश कुमार ने महिलाओं के सशक्तिकरण और अल्पसंख्यक कल्याण के लिए जो काम किया है, उसे देखना चाहिए”।
इस बीच विपक्षी दलों ने नीतीश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, “इस तरह की घटनाएं दिखाती हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नियंत्रण में नहीं हैं। एक महिला का हिजाब खींचना बिल्कुल सही नहीं है”। इस विवाद पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार को एक धर्मनिरपेक्ष नेता माना जाता था लेकिन अब उनका असली चेहरा सामने आ रहा है”।
नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने उनका बचाव करते हुए कहा है कि उन्होंने महिला डॉक्टर के साथ पिता जैसा व्यवहार किया था। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ज़मा खान ने कहा “मुख्यमंत्री ने प्यार और स्नेह से काम किया किसी को अपमानित करने की कोशिश नहीं की”। इस विवाद के बीच बिहार सरकार ने अपने अगले पांच साल के विकास कार्यक्रम ‘सात निश्चय-3’ को मंजूरी दे दी है, जिसमें एक करोड़ नौकरियों और महिला उद्यमिता पर जोर दिया गया है।