नई दिल्ली :-दिल्ली ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जांच के दौरान जैश ए मोहम्मद से जुड़े आतंकी यासिर की गिरफ्तारी के बाद चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। एनआईए के अनुसार यासिर न केवल एक आतंकी साजिश का हिस्सा था बल्कि वह खुद मानव बम बनने की तैयारी में था। उसने इसके लिए बाकायदा शपथ भी ली थी और किसी बड़े हमले को अंजाम देने की योजना बना रहा था।
जांच एजेंसी ने बताया कि यासिर लंबे समय से आतंकी नेटवर्क के संपर्क में था। उसे दिल्ली और आसपास के इलाकों में संभावित टारगेट की रेकी करने का काम सौंपा गया था। वह भीड़भाड़ वाली जगहों को निशाना बनाने की फिराक में था ताकि ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाया जा सके। शुरुआती पूछताछ में यह भी सामने आया है कि यासिर को विदेश में बैठे आतंकी आकाओं से निर्देश मिल रहे थे।
एनआईए के मुताबिक यासिर को कट्टरपंथी विचारधारा से पूरी तरह प्रभावित किया गया था। उसे यह विश्वास दिलाया गया था कि आत्मघाती हमला करना उसके लिए सबसे बड़ा बलिदान होगा। इसी मानसिकता के तहत उसने मानव बम बनने की हामी भरी थी। एजेंसी का मानना है कि यदि समय रहते उसकी गिरफ्तारी नहीं होती तो दिल्ली में एक बड़ा आतंकी हमला हो सकता था।
इस गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं। एनआईए अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यासिर के संपर्क में और कौन कौन लोग थे और उसे विस्फोटक तथा अन्य संसाधन उपलब्ध कराने वाले कौन थे।
दिल्ली ब्लास्ट मामले में यह गिरफ्तारी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इससे आतंकी संगठनों की नई रणनीति का पता चलता है। सुरक्षा एजेंसियों ने साफ किया है कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और तेज की जाएगी। यह सफलता दिखाती है कि सतर्कता और खुफिया तंत्र के चलते बड़े खतरे को समय रहते टाला जा सकता है।