Opposition Flags नई दिल्ली:- राज्यसभा में विपक्षी दलों ने नए ग्रामीण रोजगार बिल वीबी-जी राम जी बिल पर चर्चा से पहले परामर्श की कमी का मुद्दा उठाया गया है। विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस बिल को जल्दबाजी में पारित कराने की कोशिश की है बिना राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों के साथ उचित परामर्श किए है। कांग्रेस सांसद मुकुल वासनिक ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को सर्वसम्मति से पारित किया गया था लेकिन इस नए बिल को बिना किसी चर्चा के लाया गया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार ने राज्य सरकारों के साथ परामर्श किया है और उनकी सहमति ली है।
विपक्षी दलों ने इस बिल को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MNREGA) के मूल उद्देश्य को कमजोर करने का प्रयास बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ग्रामीण गरीबों के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। राजद (RJD) नेता मनोज कुमार झा ने कहा कि यह बिल ग्रामीण गरीबों के लिए एक बड़ा झटका है और उनकी रोजगार की गारंटी को खतरे में डालता है दूसरी ओर सरकार ने इस बिल को ग्रामीण विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह बिल ग्रामीण गरीबों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएगा और ग्रामीण विकास को गति देगा ।
राज्यसभा में इस बिल पर चर्चा के दौरान जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी सांसदों ने बिल की प्रतियां फाड़ दीं और सदन में नारेबाजी की। इसके बावजूद बिल को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया है यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे इस बिल का क्या होता है और इसका ग्रामीण गरीबों पर क्या प्रभाव पड़ता है।