नई दिल्ली :- सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार सुबह घरेलू वायदा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। इसकी मुख्य वजह बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी का फैसला माना जा रहा है। जैसे ही यह फैसला सामने आया वैसे ही वैश्विक बाजारों में हलचल तेज हो गई और निवेशकों ने सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने से मुनाफा निकालना शुरू कर दिया।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद अन्य परिसंपत्तियों की तुलना में सोने का आकर्षण कुछ हद तक कम हो गया। आमतौर पर जब ब्याज दरें बढ़ती हैं तो निवेशक बॉन्ड और अन्य ब्याज आधारित साधनों की ओर रुख करते हैं। इसी वजह से सोने में बिकवाली का दबाव देखा गया। इसका असर घरेलू वायदा बाजार पर भी पड़ा और कीमतों में नरमी दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जापान के केंद्रीय बैंक का यह कदम वैश्विक मौद्रिक नीति में बदलाव का संकेत देता है। लंबे समय तक नरम नीति अपनाने के बाद ब्याज दर बढ़ाना निवेशकों के लिए बड़ा संकेत है। इसी कारण सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों में अल्पकालिक गिरावट देखी जा रही है।
घरेलू स्तर पर भी डॉलर की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के रुझान ने सोने की कीमतों पर दबाव बनाया। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और आगे के संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में अन्य केंद्रीय बैंकों के फैसले भी सोने की चाल को प्रभावित कर सकते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि हालांकि अल्पकाल में कीमतों में उतार चढ़ाव बना रह सकता है लेकिन लंबी अवधि में सोना अब भी एक मजबूत निवेश विकल्प माना जाता है। फिलहाल बैंक ऑफ जापान के फैसले का असर बाजार में साफ तौर पर देखने को मिल रहा है और निवेशक उसी के अनुसार अपनी रणनीति तय कर रहे हैं।