मलयालम सिनेमा ने खोया अपना सशक्त और संवेदनशील कलाकार

 

कोलकाता (पश्चिम बंगाल):- मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता श्रीनिवासन के निधन की खबर से फिल्म जगत में गहरा शोक फैल गया है। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे श्रीनिवासन ने 69 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। उनके जाने से न केवल सिनेमा जगत बल्कि लाखों प्रशंसकों को भी अपूरणीय क्षति पहुंची है। वे एक ऐसे कलाकार थे जिन्होंने अपने अभिनय से आम दर्शक के दिल में खास जगह बनाई।

श्रीनिवासन को मलयालम सिनेमा में एक बहुआयामी कलाकार के रूप में जाना जाता था। उन्होंने हास्य चरित्रों से लेकर गंभीर और भावनात्मक भूमिकाओं तक हर किरदार को पूरी सच्चाई और सहजता के साथ निभाया। उनकी अदाकारी में जीवन की सादगी और समाज की सच्चाई साफ नजर आती थी। यही कारण था कि उनके पात्र दर्शकों को अपने आसपास के लोगों जैसे लगते थे।

अपने लंबे करियर में श्रीनिवासन ने कई यादगार फिल्मों में काम किया। उन्होंने अभिनय के साथ साथ सिनेमा की समझ और संवेदनशीलता का भी परिचय दिया। उनके काम को आलोचकों और दर्शकों दोनों ने समान रूप से सराहा। उन्हें उनके योगदान के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया जो उनके कला जीवन की मजबूती को दर्शाता है।

अभिनेता के निधन की खबर मिलते ही फिल्मी हस्तियों ने सोशल मीडिया के जरिए शोक व्यक्त किया। कई कलाकारों ने उन्हें अपना मार्गदर्शक और प्रेरणा बताया। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि श्रीनिवासन जैसे कलाकार बहुत कम होते हैं जो पर्दे पर ही नहीं बल्कि निजी जीवन में भी सादगी और गरिमा का उदाहरण पेश करते हैं।

श्रीनिवासन अपने पीछे पत्नी विमला और दो बच्चों का परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार के प्रति भी फिल्म जगत ने संवेदना व्यक्त की है। प्रशंसकों की आंखें नम हैं और हर कोई उन्हें उनके यादगार किरदारों के जरिए याद कर रहा है।

उनका जाना मलयालम सिनेमा के लिए एक युग के अंत जैसा है। हालांकि वे आज हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी फिल्में और उनका अभिनय उन्हें हमेशा जीवित रखेगा। श्रीनिवासन का नाम सिनेमा के इतिहास में सम्मान और प्रेम के साथ लिया जाता रहेगा।

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